मधेपुरा, जून 4 -- मधेपुरा, कार्यालय संवाददाता जिले संचालित अस्पतालों सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में फायर सेफ्टी की अनदेखी मुजफ्फरपुर जैसी दर्दनाक घटना का सबब बन सकती है। जिला मुख्यालय व प्रखंडों में संचालित ज्यादातर अस्पताल फायर सेफ्टी की अनदेखी कर संचालित हो रहे हैं। अग्निशमन के प्रति अस्पताल प्रबंधन की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिले के सरकारी व गैर सरकारी कुल 50 अस्पतालों को ही अग्निशमन विभाग से एनओसी प्राप्त हैं। जबकि एक अनुमान के मुताबिक जिले में करीब दो सौ से अधिक छोटे - बड़े अस्पताल संचालित हो रहे हैं।मालूम हो कि जिला मुख्यालय व आसपास के क्षेत्रों में ही सरकारी व गैरसरकारी छोटे- बड़े करीब एक सौ अस्पताल व निजी नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। यह भी पढ़ें- जिले के निजी अस्पतालों में आग से बचाव की पर्याप्त व्यवस्थ...