गुड़गांव, मई 2 -- गुरुग्राम, अमर मौर्य। जिले में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) उद्योगों के लिए फायर एनओसी प्राप्त करना एक बड़ी चुनौती है। पांच हजार एमएसएमई उद्योगों के पास फायर एनओसी नहीं है। उद्योगों को सेटबैक क्षेत्र की बाध्यता और लंबी प्रक्रियाओं के कारण परेशान बनी हुई है। इसमें कादीपुर, बसई, दौलताबाद समेत अन्य औद्योगिक क्षेत्र के उद्योग है। उद्यमियों के अनुसार संकरी सड़कों वाले पुराने औद्योगिक क्षेत्रों और जटिल नियमों के कारण फायर एनओसी नहीं मिलती है। हाल ही में सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत इन नियमों में ढील दी। एमएसएमई के लिए मुख्य चुनौतियां सख्त सेटबैक नियम है। पुराने नियमों के अनुसार फैक्ट्रियों के चारों ओर 6 मीटर का खाली क्षेत्र (सेटबैक एरिया) छोड़ना अनिवार्य था। जिसे घनी औद्योगिक इकाइयों के लिए पूरा करना असंभव नहीं ...