रांची, अगस्त 10 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने एक मामले में अपील दाखिल करने में हुई 255 दिनों की देरी पर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि केवल विभागीय फाइलों के एक टेबल से दूसरे टेबल तक घूमने, कानूनी राय लेने और आंतरिक प्रक्रिया का हवाला देकर इतनी लंबी देरी को सही नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने देरी माफी की अर्जी खारिज कर दी। इसके साथ ही संबंधित अपील और उससे जुड़ी अर्जियां भी खारिज हो गईं। मामला एकल पीठ के 29 अगस्त 2024 के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से दायर अपील से जुड़ा था। अपील दाखिल करने में 255 दिनों की देरी हुई थी। राज्य सरकार ने देरी के लिए कानूनी राय लेने, रिकॉर्ड जुटाने और विभागीय स्तर पर फाइल के आगे बढ़ने का हवाला दिया था। खंडपीठ ...