वाराणसी, मई 10 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। कभी फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के लिए संवेदनशील माने जाने वाली काशी अब उन्मूलन की ओेर बढ़ गई है। प्रदेश में रामपुर के बाद वाराणसी दूसरा ऐसा जिला बन गया है, जिसने फाइलेरिया नियंत्रण के ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (टीएएस) में लगातार दूसरी बार सफलता हासिल की है। ऐसे में रोग उन्मूलन की उम्मीद मजबूत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब फाइलेरिया संक्रमण की दर घटकर 0.02 फीसदी रह गई है। फाइलेरिया उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक माह पूर्व टीएएस कराया था। इसके तहत शहरी और ग्रामीण इलाके में कलस्टर बनाकर 28, 351 लोगों की जांच की गई। इसमें सिर्फ सात लोग ही पॉजिटिव पाए गए। जिला मलेरिया अधिकारी शरतचंद्र पांडेय ने कहा कि यदि संक्रमण दर एक फीसदी से अधिक हो तो स्थिति चिंताजनक मानी जाती है, जबकि...