गोरखपुर, सितम्बर 20 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। रामगढ़ झील को जल प्रदूषण से मुक्त करने के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण फाइटोरेमेडिएशन तकनीक का इस्तेमाल करेगा। बुद्धा गेट के करीब रामगढ़झील में गिरने वाले नगर निगम के पांच प्रमुख नाले के पानी को इस प्राकृतिक तकनीक से शोधिक किया जाएगा। परियोजा पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जीडीए इस परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराएगा। रामगढ़झील में बुद्धा गेट के पास गोल्फ क्लब नाला, सिविल लाइन द्वितीय (पैडलेगंज नाला), साहबगंज मंडी नाला, रुस्तमपुर नाला, इंदिरानगर नाला आकर गिरता है। जलनिगम का दावा है कि इन नालो को टैप कर पम्पिंग स्टेशन से चिड़ियाघर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर भेज जाता है, लेकिन मानसून के दौरान अधिक जलप्रवाह होने पर यह गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सीधे झील में जाता है। इस...
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