नई दिल्ली, जनवरी 22 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मौत की सजा पाए व्यक्ति को फांसी के बजाए वैकल्पिक सजा देने की मांग पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। हालांकि इससे पहले, भारत सरकार के अटार्नी जनरल आर. वेंकटरमणी से शीर्ष अदालत को बताया कि केंद्र सरकार उच्चतम स्तर पर इस मुद्दे पर विचार कर रही है। जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फांसी को खत्म कर, सजा देने के लिए वैकल्पिक तरीका अपनाने की मांग वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता व अधिवक्ता ऋषि मल्होत्रा ने विधि आयोग की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि सजा देने का बेहतर तरीका क्या हो सकता है। पीठ ने उनसे रिपोर्ट और संबंधित केस कानूनों पर एक संक्षिप्त नोट रिकॉर्ड पर पेश करने को कहा। वहीं, अटार्नी जनरल वेंकटरमणी ने बताय...