गोरखपुर, जुलाई 18 -- गोरखपुर, प्रमुख संवाददाता। पूर्वांचल में धान, मक्का, मूंगफली, अरहर, उर्दू, तिल और गन्ना जैसी प्रमुख फसलों की खेती के बीच, वर्तमान में कम हो रही बरसात और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण फसलों में वृद्धि में बाधाएँ आ रही हैं। साथ ही, कीट, रोग और खरपतवार की बढ़ती चुनौती से कृषकों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ आर डी वर्मा ने इन फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सुझाव और रसायनों का प्रयोग करने की सलाह दी है।धान की फसल में रोग एवं कीट से बचाव के लिए पेंडिमैथलीन का छिड़काव, खरपतवार नियंत्रण के लिए विस्पायरीबैंक सोडियम का उपयोग, दीमक और जड़ की सूड़ी के लिए क्लोरोपाइरीफॉस, तना छेदक और पत्ती लपेटक कीटों से रक्षा के उपाय, तथा खैरा रोग व फफूँदजनित रोगों के नियंत्रण के लिए विभिन्न रसायनों का प्रयोग जरूरी बत...