भदोही, दिसम्बर 29 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। गेहूं, चना-मटर एवं सरसों फसल में किसान संतुलित यूरिया का ही प्रयोग करें। ज्यादा रासायनिक खाद के सेवन से अनाज प्रभावित होने के साथ ही मृदा शक्ति भी घटेगी। ऐसे में किसान संतुलित मात्रा में यूरिया का प्रयोग कर गुणवत्तापूर्ण अनाज की पैदावार करें। सीडीओ बाल गोविंद शुक्ल ने बताया कि ज्यदा यूरिया का प्रयोग अनाज प्रभावित करने के साथ ही मृदा शक्ति को भी घटाएगा। खेतों में अधिक मात्रा में यूरिया के प्रयोग से मृदा स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यूरिया से मिट्टी की उर्वरता घटती है, सूक्ष्म पोषक तत्वों का असंतुलन होता है और लाभकारी सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं। फसल की गुणवत्ता में कमी जरूरत से ज्यादा नाइट्रोजन से पौधों में केवल हरियाली बढ़ती है, दाने और फल का विकास प्रभावित होता है। रोग और कीट प्रकोप में वृद...