बरेली, अगस्त 6 -- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत उत्तर प्रदेश में फर्जी खतौनी के आधार पर बीमा क्लेम लेने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि महोबा, झांसी, हमीरपुर, फर्रुखाबाद और मथुरा में जांच के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद कई एफआईआर दर्ज हुईं, बैंक प्रबंधकों व बीमा कंपनियों से जुड़े अधिकारियों समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और प्रदेशभर में 1.55 लाख से अधिक संदिग्ध बीमा आवेदन निरस्त कर दिए गए। यह मामला समाजवादी पार्टी से आंवला सांसद नीरज मौर्य के प्रश्न के जवाब में सामने आया। केंद्र सरकार ने बताया कि फर्जीवाड़ा रोकने के लिए उत्तर प्रदेश के भू-अभिलेख (खतौनी) को नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल (एनसीआईपी) से जोड़ दिया गया है। यह भी पढ़ें- 31 तक फसल बीमा का लाभ ल...