फर्रुखाबाद कन्नौज, अप्रैल 8 -- शमसाबाद, संवाददाता। तराई क्षेत्र में गंगा का कहर ग्रामीणों के लिए आफत बन गया है। ग्रामीणों ने जैसे तैसे कटान की जद में आ रही अपनी फसलों को दिन रात लगकर बचा लिया मगर अब घर बचाने की चुनौती है। जो घर गंगा किनारे हैं उन घरों में ग्रामीणों की नींद उड़ी है। क्योंकि कटान काफी तेजी से हो रहा है और गंगा काफी नजदीक पहुंच रही हैं। बाढ़ के दौरान पूरे तराई क्षेत्र मे तबाही होती है। मगर इस समय अचानक गंगा में बढ़े जलस्तर से लोग काफी परेशान हो गये हैं। गंगा किनारे के कई गांव में हालात खराब हैं। अभी पिछले दिनों गंगा का जलस्तर बढ़ने से दर्जनो ग्रामीणों की फसलें गंगा में समा गयीं थीं। ग्रामीणों ने जैसे तैसे बची फसल की दिन रात कटाई कर बचा लिया था। अब ग्रामीणों के सामने दिक्कत है कि उनके घर कैसे सुरक्षित रहें। समेचीपुर चितार और पैला...