मधुबनी, अप्रैल 2 -- रहिका। रबी मौसम में प्राकृतिक आपदा एवं जलवायु परिवर्तन के कारण भारी मात्रा में कृषि एवं बागवानी फसलों का नुक़सान हुआ है। किसानों के खेत से खलिहान तक फसल क्षति का आंकलन समय समय पर नहीं करने से किसानों में मायूसी देखी जा रही है। किसानों ने पदाधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि विगत पांच साल से रबी फसलों का उपज दर घटते जा रहा है, लेकिन पदाधिकारी बढ़ा चढ़ाकर कागजी खानापूर्ति कर उत्पादकता अधिक दिखाकर वाहवाही बटोर रहे हैं। जमीनी हकीकत को इतर करते हुए पंचायत स्तर के पदाधिकारी जिम्मेवारी लेने से बचते हैं। असल में फसल क्षति के बारे में किसानों से फसल उपज की सच्चाई को अनदेखी करते हैं। विगत खरीफ मौसम में वर्षापात कम हुई तथा खण्ड वृष्टि हुआ किसानों के बिचड़े खेत में सूख गए। धान रोपनी मध्यम एवं उपरी भूमि में नहीं लगी। फिर भी खरीफ सीजन ...
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