बिजनौर, मार्च 5 -- बिजनौर। कृषि विज्ञान केंद्र नगीना बिजनौर के वैज्ञानिकों द्वारा गुरुवार को शेखुपुरा, ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल में फसल अवशेष प्रबंधन पर कार्यक्रम के अंतर्गत प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र नगीना के प्रभारी अधिकारी डॉ केके सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि फसल के अवशेष को खेत में आग लगाने से सर्वप्रथम मृदा नमी में कमी एवं मृदा तापमान में बढ़ोतरी होती है। जिससे खेत की उर्वराशक्ति कम होने के साथ-साथ मृदा की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक दशा पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि फसलो के अवशेषों को जलाने से होने वाले दुष्परिणामों का मानव स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ रहा है एवं कैसे बचा जा सकें। वैज्ञानिक डॉ. पिंटू कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान भाई अपनी फसल की सुरक्...