बिहारशरीफ, अप्रैल 16 -- सीरीज: धरती पुत्रों की व्यथा - 06 फसल उगाने से ज्यादा उपज बेचने में पिस रहे नालंदा के किसान 70 फीसद छोटे किसान कटनी के तुरंत बाद बेच देते हैं उपज, कर्ज और भंडारण का अभाव बनी मुख्य वजह पैक्स में क्वालिटी के नाम पर प्रति क्विंटल 4-5 किलो की अतिरिक्त वसूली, खुद का बोरा और भाड़ा भी किसान के जिम्मे न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मात्र 25 फीसद किसानों को, बाकी आढ़तियों के चंगुल में फंसने को विवश फोटो अनाज खेत : नूरसराय के पास हार्वेस्टिंग के बाद खेत में ही व्यापारी को उपज बेचते किसान। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। धरती पुत्रों की व्यथा सीरीज के छठे भाग में आज बात अन्नदाताओं की उस पीड़ा की, जो फसल कटने के बाद शुरू होती है। यह भी पढ़ें- एमएसपी से 300 रुपये कम कीमत पर किसान बेच रहे गेहूं किसान खून-पसीना एक कर अनाज तो उपजा लेता ह...