चंदौली, नवम्बर 24 -- चंदौली, संवाददाता। आचार्य नरेंद्र कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या प्रसार निदेशालय के निर्देश पर सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से खड़ान में ग्रामीण स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही फसल अवशेष जलाने से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान वैज्ञानिक डॉ. चन्दन सिंह ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से मृदा में मौजूद सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं। इसमें पोषक तत्वों की मात्रा घटती है और मिट्टी कठोर होती है। साथ ही उसकी जल धारण क्षमता कम हो जाती है। जीवांश पदार्थ लगातार घटने से मृदा बंजर बनने लगती है और फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है। अवशेष जलाने से मृदा का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है और वायु प्रदूषण भी बढ़ र...
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