सोनभद्र, अप्रैल 21 -- घोरावल, हिंदुस्तान संवाद। गेहूं की फसल काटने के बाद फसल अपशिष्ट खेतों में रह जाते हैं। कई बार कृषक लोग यह सोचते हैं कि इस फसल अपशिष्ट को जला दिया जाए। इसके संबंध में बताना है कि फसल अपशिष्ट को खेतों में जलाना अवैधानिक है। इसके लिएRs.15 हजार तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही संबंधित थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा सकती है । उपजिलाधिकारी घोरावल आशीष त्रिपाठी ने मंगलवार को वार्ता के दौरान व्यक्त कहीं। उन्होंने कहा कि फसल अपशिष्ट को जलाने से प्रदूषण होता है। मुख्य रूप से वायु प्रदूषण और मिट्टी की गुणवत्ता नष्ट होती है, क्योंकि आग लगने से मिट्टी में पाए जाने वाले सूक्ष्म जीवाणु मृतक हो जाते हैं। यह भी पढ़ें- कैमूर में पराली प्रबंधन को ले जागरूकता अभियान शुरू इसलिए फसल अपशिष्ट अपने खेतों में ना जलाएं । यदि कोई घटना सेटे...