रायबरेली, अप्रैल 1 -- ऊंचाहार, संवाददाता। क्षेत्र के गोकना घाट और डलमऊ तहसील के तटीय इलाकों में गंगा नदी के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। बीती 26 मार्च की रात गंगा में आई बाढ़ के कारण नदी किनारे बोई गई सैकड़ों बीघा फल और सब्जी की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। इस प्राकृतिक आपदा से किसान चिन्तित है। पीड़ित किसान अमित निषाद, राकेश, रामकिशुन, फूलचंद्र और शीतला प्रसाद सहित दर्जनों ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर अपनी व्यथा सुनाई है। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर और कड़ी मेहनत से गंगा के कटरी क्षेत्र में चार बीघा खरबूजा, चार बीघा खीरा, 40 बीघा तरबूज, तीन बीघा कद्दू और तीन बीघा लौकी की बुवाई की थी। फसलें तैयार हो चुकी थीं और बाजार में बिकने वाली थीं, लेकिन बाढ़ ने सब कुछ तबाह कर दिया। किसानों ने ...
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