मुरादाबाद, सितम्बर 28 -- एक करोड़ से अधिक सालाना टर्नओवर वाली कारोबारी फर्मों के वार्षिक ऑडिट की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। फर्मों को 30 सितंबर तक ऑडिट करा लेना अनिवार्य है। अंतिम तारीख तक भी फर्म का ऑडिट नहीं कराना व्यापारियों को काफी महंगा पड़ सकता है। टैक्स अधिवक्ता गौरव गुप्ता ने बताया कि 30 सितंबर तक ऑडिट नहीं कराने वाली फर्म को डेढ़ लाख रुपए तक की पेनाल्टी चुकानी पड़ सकती है। सीए अभिनव अग्रवाल ने बताया कि इस बार फर्मों को पेनाल्टी के सिस्टम ऑटोमेटेड नोटिस जारी होंगे जिसके चलते निर्धारित तारीख तक ऑडिट नहीं कराने वाली किसी भी फर्म के पेनाल्टी लगने से छूट जाने की संभावना नहीं के बराबर होगी।

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