मेरठ, मार्च 20 -- फर्जी वारिसान दस्तावेज बनाकर करोड़ों की संपत्ति हड़प ली गई। फर्जीवाड़े का खुलासा उस समय हुआ, जब डीएम कार्यालय में दस्तावेज को लेकर शिकायत की गई। जांच में दस्तावेज फर्जी पाया गया और इस पर लगी मुहर भी नकली थी। कर्मचारियों से लेकर अफसरों के साइन भी फर्जी मिले। ऐसे में सिविल लाइन थाने में आरोपी पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। सरूरपुर के रासना निवासी सुधीर शर्मा ने बताया कि उसके रिश्ते के चाचा सत्यप्रकाश और उसकी पत्नी शकुंतला देवी निसंतान थे। उन्होंने अपने जीवन में कोई वसीयत भी नहीं की थी। बताया कि कोई दत्तक पुत्र भी नहीं लिया था। सत्यप्रकाश और उसकी पत्नी शकुंतला देवी की मृत्यु के बाद एक दूर के रिश्तेदार गाजियाबाद निवासी मुकेश शर्मा ने दो साथियों जब्बार अहमद और सेवाराम ने साजिश की। एक फर्जी वारिसान प्रमाण पत्र डीएम कार्यालय से 2...