लखनऊ, मार्च 26 -- लखनऊ, विशेष संवाददातामनगढ़ंत तथ्यों के आधार पर किसी के विरुद्ध झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों की भी मुश्किलें बढ़ेंगी। डीजीपी राजीव कृष्ण ने फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वालों के विरुद्ध भी अनिवार्य रूप से कार्रवाई सुश्चित कराए जाने का निर्देश दिया है।डीजीपी ने कहा है कि सभी जिलों में ऐसे मुकदमों की समीक्षा की जाए, जिनमें विवेचक ने एफआईआर में दर्ज कराए गए तथ्य गलत पाए गए और अंतिम रिपोर्ट लगाई गई। ऐसे मामलों में झूठी गवाही देने वालों के विरुद्ध कोर्ट में परिवाद पत्र दाखिल किया जाए। परिवाद पत्र के साथ ई-साक्ष्य भी प्रस्तुत किए जाएं।हाईकोर्ट ने बीते दिनों झूठी एफआईआर दर्ज कराने वालों व झूठी गवाही देने वालों के विरुद्ध कोर्ट में अनिवार्य रूप से परिवाद दाखिल कराए जाने का निर्देश दिया था। डीजीपी ने मामले में विस्तृत निर्देश जारी किए ...