लखनऊ, अगस्त 19 -- खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) द्वारा नकली एवं काउंटरफीट औषधियों के भंडारण, क्रय-विक्रय, परिवहन और विनिर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी अभियान में कई चौंकाने वाली चीजें सामने आई हैं। फर्जी बिलों के सहारे बड़े पैमाने पर दवाएं बाजार में खपाई जा रही हैं। लखनऊ, आगरा, वाराणसी और गोंडा में अब तक करीब 5.43 करोड़ रुपये की अवैध औषधियां जब्त की गई हैं।जांच में सामने आया कि मेसर्स हेल्थ प्लस, मेसर्स एमके फार्मा, राम फार्मा और पैशेन्ट केयर सर्जिकल हाउस (सहारनपुर) मिलकर फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाएं बाजार में खपा रही थीं। हेल्थ प्लस को लाइसेंस मई 2025 में मिला, लेकिन फर्म अप्रैल 2025 से ही अवैध क्रय-विक्रय दिखा रही थी। निर्माता कंपनी स्टेडमैड ने फर्म द्वारा बेची गए अल्कासोल सीरप को नकली करार दिया। वहीं एमके फार्मा ...