प्रयागराज, सितम्बर 14 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्ति पाने और पूर्व नियुक्ति रद्द होने की जानकारी छिपाने के आरोप में बर्खास्त किए गए सहायक अध्यापक को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा कि पिछली नियुक्ति रद्द किया जाना सेवा से बर्खास्तगी के बराबर नहीं माना जा सकता। साथ ही, जिस तथ्य को अभ्यर्थी से बताने के लिए कहा ही नहीं गया हो, उसे छिपाने का दोषी भी नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने संत कबीर नगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का 20 अप्रैल 2019 का सेवा समाप्ति आदेश रद्द कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने अनिल कुमार की याचिका स्वीकार करते हुए दिया। मामला 2015 में विज्ञान और गणित विषय के 29,334 सहायक अध्यापकों की भर्ती से जुड़ा है। अनिल कुमार का चयन हुआ और 21 सितंबर 2015 को उन्हें ग...