रांची, दिसम्बर 2 -- रांची, संवाददाता। रिम्स में एमबीबीएस प्रथम वर्ष सत्र 2025-26 में अध्ययनरत छात्रा काजल द्वारा फर्जी अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाणपत्र के आधार पर प्रवेश लिए जाने का मामला जांच में सही पाया गया है। दस्तावेजों में अनियमितताएं सामने आने के बाद रिम्स प्रबंधन ने छात्रा को 20 नवंबर को निलंबित कर दिया था और 1 दिसंबर को उसका नामांकन औपचारिक रूप से रद्द कर दिया। रिम्स की जांच में यह उजागर हुआ कि काजल के एनईईटी यूजी 2025 के एडमिट कार्ड और स्कोर कार्ड में उनकी श्रेणी ओबीसी एनसीएल (सेंट्रल लिस्ट) दर्ज है, जबकि उन्होंने जेसीईसीई बोर्ड के माध्यम से एससी श्रेणी की रैंक 01 के आधार पर एमबीबीएस की सीट हासिल की थी। एडमिट कार्ड की प्रति प्रस्तुत करने के आग्रह पर छात्रा ने उसके खो जाने की बात कही, जिससे संदेह और गहरा हुआ। इसके बाद रिम्स ने 13 ...
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