संवाददाता, अक्टूबर 3 -- उत्तराखंड के बागेश्वर में प्राथमिक विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लंबे समय से नौकरी कर रहे दस शिक्षकों की सेवा शिक्षा विभाग ने समाप्त कर दी है। इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद अब यह भी सवाल उठा रहे हैं कि नियुक्ति के समय इनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन किस तरह से किया गया। रामनगर बोर्ड के कराए इन सत्यापन में प्राथमिक स्कूलों के दस शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी और कूटरचित मिले, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। सभी की ज्वाइनिंग जनवरी 2026 में हुई थी और उनको विभाग से आठ महीने की सैलरी मिल चुकी है। बागेश्वर के प्रभारी डीईओ बेसिक आशाराम ने बताया कि विभागीय सत्यापन प्रक्रिया के दौरान दस शिक्षकों के दस्तावेज रामनगर बोर्ड की जांच में फर्जी मिले थे। रिपोर्ट के आधार पर इन सभी शिक्षकों की सेवा तत्काल प्र...