वाराणसी, अगस्त 22 -- वाराणसी। खुद को पुलिस कांस्टेबल बताकर बैंक ऑफ बड़ौदा की नीचीबाग शाखा से दस लाख रुपये का पर्सनल लोन लेने के मामले में अदालत ने केस दर्ज करने का आदेश दिया है। देवरिया के त्रिगुना पर फर्जी दस्तावेज और पुलिस कर्मचारी कोड लगाकर बैंक को गुमराह करने का आरोप है। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कृष्ण कुमार ने 14 अगस्त को प्रार्थनापत्र स्वीकार कर थाना चौक को मुकदमा दर्ज कर 15 दिन में एफआईआर की प्रति और अनुपालन आख्या पेश करने का निर्देश दिया। बैंक के अनुसार त्रिगुना ने 27 दिसंबर 2023 को ऋण के लिए आवेदन किया था। जांच में उसके दस्तावेज और पुलिस में कांस्टेबल होने का दावा फर्जी मिला। ऋण मिलने के बाद उसने कुछ किश्तें जमा की लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया। खाता तीन जुलाई 2024 को एनपीए हो गया। पुलिस जांच में भी सामने आया कि वह विभाग ...