वाराणसी, जुलाई 27 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के आधार पर एमबीबीएस में प्रवेश लेने के आरोपों का सामना कर रही छात्रा को अंतरिम राहत देते हुए उसका प्रवेश फिलहाल जारी रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने छात्रा को प्रथम वर्ष की प्रोफेशनल एमबीबीएस परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी है, हालांकि उसके परीक्षा परिणाम को याचिका के अंतिम निर्णय तक रोके रखने का निर्देश दिया है।

मामले का विवरण साथ ही 23 जून 2026 के विवादित आदेश के प्रभाव और संचालन पर भी रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ के समक्ष दाखिल याचिका में छात्रा स्नेहा गंगवार ने बताया कि उसने नीट की मेरिट के आधार पर वाराणसी स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पांडेयपुर में पांच वर्षीय एमबीबीएस पाठ्यक्रम...