प्रयागराज, अगस्त 11 -- प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। फर्जी शैक्षिक दस्तावेज के सहारे अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराने वाले आरोपियों की संख्या बढ़कर 86 हो गई है जबकि, बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की तहरीर पर अब भी सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज करने का सिलसिला जारी है। इन अधिवक्ताओं के अभिलेखों की विभिन्न विश्वविद्यालयों से कराए गए सत्यापन में फर्जी डिग्री और अंकपत्र मिलने के आरोप हैं।बार कौंसिल के सचिव आरके शुक्ला की ओर से सौ से अधिक तहरीर सिविल लाइंस थाने में दी है। आरोप है कि पंजीकृत अधिवक्ताओं के अभिलेखों का सत्यापन करने कर फर्जी डिग्रियों का मामला सामने आया है। किसी का एलएलबी तो किसी का हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की डिग्रियां और अंकपत्र फर्जी मिले हैं। बार कौंसिल की ओर से नोटिस भेजने के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उधर, सिविल लाइंस थाना...