रांची, फरवरी 24 -- रांची, संवाददाता। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शशि भूषण शर्मा की अदालत ने धोखाधड़ी मामले में आरोपी गौतम कुमार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन आरोप संदेह से परे सिद्ध करने में विफल रहा। मामले में आरोप था कि 28 नवंबर 2023 को सूचक महादेव उरांव को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल कर खुद को सिविल कोर्ट का अधिकारी बताते हुए चतुर्थवर्गीय नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। मामले को लेकर कोतवाली थाना में कांड संख्या 392/2023 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सुनवाई के दौरान सूचक ने आरोपी की पहचान नहीं की और कहा कि उसने किसी को पैसा नहीं दिया। वहीं, जांच पदाधिकारी ने भी स्वीकार किया कि मोबाइल का सीडीआर प्राप्त नहीं किया गया, जिससे आरोपी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हो सकी।

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