बरेली, मई 11 -- सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाली फर्जी आईएएस डॉ. विप्रा शर्मा के खिलाफ बारादरी थाने में एक अन्य रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पीड़ित युवक से उसने तीन लाख रुपये की डिमांड कर एक लाख रुपये की ठगी की थी। यह रिपोर्ट फतेहगंज पश्चिमी के गांव फरीदापुर रामचरन निवासी रिंकू मौर्य ने दर्ज कराई है। रिंकू का कहना है कि डॉ. विप्रा शर्मा खुद को एडीएम बताकर उनसे मिली और सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। उसने नौकरी का खर्चा तीन लाख रुपये बताया और 24 मार्च को एक लाख रुपये एडवांस दे दिए। दो लाख रुपये नौकरी लगने के बाद देने की बात तय हुई थी। उनकी नौकरी को लेकर बातचीत चल ही रही थी कि इसी बीच विप्रा शर्मा की गिरफ्तारी हो गई और उसका भंडाफोड़ हो गया। पुलिस ने उनकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

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