फरीदाबाद, मार्च 9 -- फरीदाबाद। अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है, लेकिन फरीदाबाद डिवीजन के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों को इस बार भी अध्यापकों की कमी के बीच पढ़ाई करनी पड़ेगी। मंडल के कई स्कूलों में लंबे समय से शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। नूंह में प्राथमिक अध्यापकों के स्वीकृत पदों में से 25 फीसदी रिक्त हैं। मंडल के जिलों में सबसे गंभीर स्थिति नूंह जिले की है। यहां प्रदेश में सबसे अधिक प्राथमिक अध्यापकों के पद रिक्त बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार जिले में करीब 5200 स्वीकृत पदों में से 1693 पद खाली हैं, यानी करीब 25 प्रतिशत पदों पर शिक्षक नहीं हैं। हालत यह है कि जिले के लगभग 80 सरकारी प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां केवल एक ही अध्यापक कार्यरत है। एक ही...