फरार आरोपी को अवैध हिरासत में नहीं माना जा सकता, हाई कोर्ट ने खारिज की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका
प्रयागराज, जुलाई 21 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति आपराधिक मामले में फरार चल रहा है और उसके खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है, तो उसे अवैध हिरासत में मानकर हैबियस कॉर्पस याचिका दाखिल नहीं की जा सकती। न्यायमूर्ति संदीप जैन ने यह टिप्पणी करते हुए एक मां द्वारा अपने बेटे की कथित अवैध हिरासत को लेकर दाखिल हैबियस कॉर्पस याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता ओमवती ने अदालत को बताया कि उनका 35 वर्षीय पुत्र मनीष अपनी पत्नी सोना और उसके परिजनों की अवैध हिरासत में है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राजस्थान के धौलपुर जिले के मनिया थाने में 18 फरवरी 2026 को अपहरण सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस न तो मनीष का पता लगा सकी और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी ...
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