नई दिल्ली, फरवरी 6 -- Surya Chandra Grahan 2026: सूर्य ग्रहण का वैज्ञानिक के साथ ही बहुत अधिक धार्मिक महत्व भी होता है। सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी कुछ समय के लिए ढक जाती है, जबकि चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन और चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन ही लगता है, लेकिन हर अमावस्या और पूर्णिमा पर ग्रहण नहीं लगता, क्योंकि चंद्रमा की कक्षा तिरछी होती है और हर बार तीनों एक सीध में नहीं आते। धार्मिक मान्यताओं में ग्रहण को राहु-केतु से जोड़ा गया है और इस दौरान सूतक काल मानने की परंपरा है, जिसमें पूजा-पाठ से बचा जाता है और ग्रहण के बाद स्नान किया जाता है, जबकि विज्ञान के अनुसार ग्रहण से शरीर पर को...
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