विधि संवाददाता, अप्रैल 22 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फतेहपुर के बहुचर्चित 1986 के हत्याकांड में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए एक आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। सजायाफ्ता जगदीश की अपील पर न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति जेके उपाध्याय की खंडपीठ ने सुनवाई की। मामला थाना खागा, फतेहपुर का है। 18 जुलाई 1986 को कुंजल प्रसाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि बचन सिंह, जगदीश, जोगेश्वर और राम कुमार ने मिलकर सुबह करीब 8 बजे गवियन तालाब के पास कुंजल को घेरकर गोली मार दी। सत्र न्यायालय ने 1987 में आरोपियों को धारा 302/34 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया था, जिसके खिलाफ यह आपराधिक अपील दाखिल की गई थी। अपील लंबित रहने के दौरान एक आरोपी राम कुमार की मृत्यु...