पटना, फरवरी 25 -- ग्रामीण कार्य विभाग ने ग्रामीण सड़कों के निर्माण में आधुनिक ग्रीन टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए 7,214 किमी से अधिक लंबी सड़कों का निर्माण किया गया है। सड़कों के निर्माण में प्रयुक्त वेस्ट प्लास्टिक न केवल ठोस कचरे के पुनर्चक्रण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि इससे सड़कों की मजबूती और आयु भी बढ़ती है। प्लास्टिक अपशिष्ट जो पहले पर्यावरण प्रदूषण का कारण बनता था, अब बिहार में ग्रामीण सड़कों की आधारशिला बन रहा है। सड़क निर्माण के साथ-साथ विभाग ने हरियाली को भी समान महत्व दिया है। ग्रामीण सड़क निर्माण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजगता दिखाते हुए विभाग ने लगभग पिछले एक वर्ष में सड़कों के किनारे 6,40,000 पौधरोपण का कार्य किया है।

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