वाराणसी, सितम्बर 29 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। आईआईटी बीएचयू के शोधकर्ताओं ने प्लास्टिक को कचरे को सड़क निर्माण में उपयोगी बनाने की स्वदेशी तकनीक विकसित की है। शोधकर्ताओं ने परीक्षण के लिए प्लास्टिक कचरे से एनएच-44 पर एक किमी लंबी दो लेन की सड़क तैयार कर दी। 24 सितंबर को इस सड़क का परीक्षण किया गया।

प्रौद्योगिकी के विकास केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से वित्तपोषित अनुसंधान कार्यक्रम के तहत विकसित इस तकनीक को पेटेंट भी मिल चुका है। आईआईटी बीएचयू के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. अंकित गुप्ता और उनकी शोध टीम ने वेस्ट प्लास्टिक मॉडिफाइड बिटुमेन तैयार करने के लिए वैज्ञानिक रूप से नियंत्रित वेट-प्रोसेस तकनीक विकसित की। इसका मैदानी परीक्षण राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के झांसी-ललितपुर खंड पर किया गया। यहां करीब एक किमी लंबी दो लेन क...