वाराणसी, अक्टूबर 2 -- प्रसिद्ध गायक पं. छन्नूलाल मिश्र का निधन हो गया है। पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र का जीवन संकटमोचन मंदिर और वहां की परंपराओं से जुड़ा रहा। वह वर्षों तक संकटमोचन संगीत समारोह के प्रमुख आकर्षण रहे। उनके जीवन की एक विशेष कथा यह रही कि तत्कालीन महंत प्रो. वीरभद्र मिश्र से गहराई से जुड़े रहे। महंत जी शास्त्रीय संगीत के बड़े रसिक थे और उन्होंने पंडित जी को अपना गुरु माना। जीवन के लंबे काल तक सप्ताह में दो बार पंडितजी संकटमोचन मंदिर में जाकर महंत वीरभद्र मिश्र को स्वर-साधना सिखाते थे। यह गुरु-शिष्य परंपरा केवल संगीत की शिक्षा भर नहीं थी, बल्कि आत्मा और श्रद्धा का संवाद भी था। प्रो. वीरभद्र मिश्र पंडित छन्नूलाल को हर संभव सहयोग और संरक्षण देते रहे, और इसीलिए पंडित जी भी स्वयं को संकटमोचन का आजीवन गायक मानते रहे। डीएवी डिग्री...