प्रयागराज, नवम्बर 3 -- इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रो. नील रतन धर का करीब आठ दशक पुराना शोध आज भी दुनिया के वैज्ञानिकों को नई दिशा दिखा रहा है। उन्होंने प्रकाश की सहायता से वायुमंडलीय नाइट्रोजन के स्थिरीकरण पर महत्वपूर्ण अनुसंधान किया था। आज वैज्ञानिक सूर्य के प्रकाश और आधुनिक तकनीक की मदद से नाइट्रोजन को अमोनिया में बदलने की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। यह बात इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं आईआईटी बॉम्बे के पूर्व प्रोफेसर प्रो. अनिल कुमार सिंह ने मंगलवार को कही। वह रसायन विज्ञान विभाग और यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की ओर से आयोजित 12 दिवसीय राष्ट्रीय पुनश्चर्या पाठ्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का विषय 'रसायन विज्ञान से जीवन और सतत सशक्तीकरण' है। इसमें 19 राज्यों और ती...