वाराणसी, अप्रैल 4 -- वाराणसी। पदोन्नति, स्थायित्व और नोशनल इंक्रीमेंट के लिए आंदोलित हुए शिक्षकों के लिए एक अच्छी खबर है। बीएचयू प्रशासन की तरफ से शुक्रवार को यह जानकारी दी गई कि प्रकरण पर फैसला कार्यकारी परिषद की अगली बैठक में लिया जाएगा। ऐसे मामलों की समीक्षा के लिए गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। बीएचयू प्रशासन ने साफ किया है कि पदोन्नति के लिए डायनामिक एश्योर्ड कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम (डीएसीपीएस), नोशनल इंक्रीमेंट और पिछली सेवाओं की गणना के संबंध में पोस्ट डॉक्टोरल फेलो के रूप में कार्य को शामिल किए जाने के संदर्भ में कुछ भ्रांतियां हैं। बताया कि डीएसीपीएस को बीएचयू में वर्ष-2018 में स्वीकार किया गया और इसे भूतलक्षी प्रभाव से 29 अक्टूबर 2008 से लागू किया गया। कार्यकारी परिषद द्वारा अनुमोदित दिशानिर्देश बीएचयू की वेबसाइट के ...