बरेली, अप्रैल 24 -- रिंग रोड के निर्माण कार्य में एक बार फिर बाधा खड़ी हो गई है। एनएचएआई ने आठ गांवों के किसानों से अधिगृहीत जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए एसएलएओ को पत्र भेजा है। उधर, कुछ किसानों का आरोप है कि एनएचएआई ने जितनी जमीन का मुआवजा दिया है, कार्यदायी संस्था उससे अधिक कब्जाते हुए मिट्टी डाल रही है। एनएचएआई ने इसका खंडन किया है। एनएचएआई को धंतिया से रजऊ परसपुर तक 29.920 किमी लंबे रिंग रोड का निर्माण करना है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 24 और बरेली पूर्वी बाईपास को जोड़ने वाले पश्चिमी बाईपास रिंग रोड प्रोजेक्ट में 32 गांवों की कुल 180.7233 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। यह भी पढ़ें- रामनगर-काशीपुर हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण को चुनौती, उत्तराखंड HC ने केंद्र व राज्य सरकार से क्या कहा तमाम खींचातानी के बाद पिछले वर्ष रिंग रोड का ...