नई दिल्ली, जुलाई 13 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सवाल किया कि 'राज्य प्रेम संबंध में बंधे लड़के और लड़की के भागने को कैसे रोक सकता है?' शीर्ष अदालत ने आपसी सहमति से बने यौन संबंधों वाले किशोरों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के प्रवाधनों के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए यह टिप्पणी की। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि जब किशोर लड़कियां अपने प्रेमी के साथ भाग जाती हैं, तो माता-पिता अक्सर अपनी तथाकथित 'इज्जत/प्रतिष्ठा' बचाने के लिए आपराधिक कानूनी कार्रवाई का सहारा लेते हैं। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि राज्य किसी लड़की और लड़के के भागने को कैसे रोक सकता है? उन्होंने यह भी कहा कि 15 से 18 साल की उम्र संवेदनशील होती है और यह नई चीजें आजमाने या अनुभव करने की उम्र है। ऐसे में सवाल यह है कि ऐसे मामलों में क्या यह वाकई पॉक्सो का माम...