नई दिल्ली, फरवरी 25 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि सिर्फ प्रेम संबंधों का टूटना आपराधिक कानून के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला नहीं माना जा सकता। न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने यह टिप्पणी एक ऐसे आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कही, जिस पर अपनी पूर्व प्रेमिका को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। दरअसल, आरोपी की पूर्व प्रेमिका ने इसकी शादी से पांच दिन पहले आत्महत्या कर ली थी। पीठ ने आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि उकसाने का आरोप ऐसे हालात में लगाना चाहिए, जब पीड़ित के पास आत्महत्या के अलावा कोई और विकल्प ना बचा हो। पीठ ने कहा कि सिर्फ मामले की सुनवाई से ही पता चलेगा कि युवती का यह कदम उकसावे का कारण था अथवा पीड़िता बहुत संवेदनशील लड़की थी। पीठ ने यह भी कहा कि विस्तृत सुनवाई से ही पता चलेगा कि...