एटा, जून 11 -- राष्ट्रीय जागरूक जन समिति की ओर से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रथम चरण में "जन जागृति पत्रिका" के विशेषांक का लोकार्पण पं. सुरेश 'नीरव, एसएसपी श्याम नारायण सिंह, आईपीएस आदित्य प्रकाश वर्मा एवं डॉ. राहुल गुप्त की ओर से किया गया। फिरोजाबाद से आए कवि प्रवीन पांडेय ने कहा कि प्रेम रसधार हैं लाड़ली राधिका, ज्ञान का सार हैं लाड़ली राधिका। कृष्ण आधार हैं यदि सकल विश्व के, उनका आधार हैं लाड़ली राधिका। कुरावली से आए सुरेश नीरव ने कहा कि सांस को आस से जोड़ना सीख लो, हो सके आसमां ओढ़ना सीख लो।" गीतू माहेश्वर ने कहा कि जन्म भर साथ चलते हैं वो बंधन प्रेम के जिसमें, नहीं पंडित, नहीं फेरे, नहीं बरात होती है। राजेश जैन के गीतों ने श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया। वहीं गीतकार राजकुमार भरत की भावपूर्ण प्रस्तुत...
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