नई दिल्ली, अक्टूबर 31 -- वृद्ध होना ऐसा है, जैसे किसी ऐसे जुर्म के लिए सजा मिलना, जो आपने किया ही न हो। मगर मानव जिंदगी की सबसे संतोषजनक बात यही है कि हम और आप अपना एक बड़ा हिस्सा दूसरों को दे सके। एक इंसान के तौर पर यह हमारा फर्ज है कि हम इस तरह से आगे बढ़ें, जैसे हमारी काबिलियत की कोई सीमा नहीं। हमें हमेशा याद रखने की जरूरत है कि सिर्फ प्यार जीवित प्राणियों को एक साथ ला सकता है, ताकि वे पूर्ण और संतुष्ट हो सकें... क्योंकि प्रेम उनके अंदर की सबसे गहरी चीज से उन्हें जोड़ता है। हमें बस इतना करना है कि हम प्यार करने की अपनी काबिलियत को तब तक बढ़ाते रहें, जब तक कि वह सभी इंसानों और पूरी धरती को गले न लगा ले। दरअसल, प्यार ही वह जुड़ाव है, जो दुनिया के तत्वों को आपस में जोड़ता है और उन्हें एक साथ लाता है... असल में, प्यार ही 'यूनिवर्सल सिंथेसि...
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