नई दिल्ली, जनवरी 12 -- जीवन में हर व्यक्ति को कई बार ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं जो भविष्य को प्रभावित करते हैं। छोटा हो या बड़ा, हर निर्णय में सही-गलत का संदेह रहता है। वृंदावन के प्रसिद्ध संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज अपने प्रवचनों में बार-बार इस बात पर जोर देते हैं कि निर्णय लेने से पहले मन की शांति और भगवान से मार्गदर्शन सबसे जरूरी है। महाराज जी कहते हैं कि सही निर्णय वही है जो मन को शांति दे और भगवान की इच्छा के अनुरूप हो। आइए उनके विचारों से जानते हैं कि कोई फैसला लेने से पहले सही-गलत कैसे पहचानें।मन की शांति सबसे बड़ा संकेत है प्रेमानंद महाराज जी का सबसे प्रमुख संदेश है कि सही निर्णय वही है जो मन को शांति देता है। जब आप किसी फैसले पर विचार करते हैं, तो थोड़ी देर चुप बैठकर मन को देखें। अगर वह फैसला सोचने पर मन में शांति, सुक...