नई दिल्ली, दिसम्बर 19 -- वृंदावन के प्रसिद्ध संत श्री हित प्रेमानंद जी महाराज अपने सत्संगों में अक्सर कहते हैं कि कलियुग में जलन और ईर्ष्या सबसे बड़ा पाप है। जब कोई आपकी तरक्की, खुशी या सफलता देखकर जलता है तो यह उसकी अपनी कमजोरी है, लेकिन इससे आपको भी मानसिक कष्ट हो सकता है। जलन करने वाले का कर्म उसे ही भोगना पड़ता है, आपको सिर्फ अपना मन शुद्ध रखना है। आइए महाराज जी से जानते हैं कोई हमसे जले, तो क्या करना चाहिए।माफ कर दें और दया करें प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि जो जलता है, वह खुद आग में जल रहा है। आप उस पर पानी डालें यानी दया करें। जलन करने वाले को गुस्सा या बदला लेने की भावना ना रखें। महाराज जी हंसते हुए कहते हैं कि उसके जलने से आपकी खुशी कम नहीं होती, बल्कि आपकी भक्ति बढ़ जाती है। उसे मन ही मन माफ कर दें और प्रार्थना करें कि भगवान उ...
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