वाराणसी, मई 22 -- वाराणसी। लमही में उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद का जीर्ण-शीर्ण पैतृक आवास चमाचम होने लगा है। बस कुछ दिन और...पूरा मकान बंगले सरीखा दिखेगा। प्रथम चरण में भूतल (ग्राउंड फ्लोर) से दूसरी मंजिल तक दरवाजे और खिड़कियों के पल्ले बदले जा चुके हैं। दीमक लगने से वे सड़ गए थे। घर के अंदर-बाहर वाटर प्रूफिंग के बाद प्लास्टर का काम भी पूरा कर दिया गया है। खास बात यह है कि नवीनीकरण (रिनोवेशन) में मकान की मौलिक बनावट से छेड़छाड़ नहीं किया जा रहा है। कार्यादायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड इसके लिए बेहद सजग है। सारा काम वह बड़े सलीके से संभल-संभल कर रही है। यह भी पढ़ें- जर्जर तार व पोल के चलते बिजली लाइन में फॉल्टकार्यदायी संस्था की जानकारी कार्यदायी संस्था के जेई अमित गौतम ने बताया कि मुख्य द्वार, सड़क की ओर खुलने वाले...