वाराणसी, जून 6 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। सामने घाट मदरवां स्थित आनंदम ट्रस्ट में श्रीमद् भागवत कथा में शुक्रवार को भगवताचार्य पं. रहिश मिश्रा ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा सुनने से प्रेत योनि से भी मुक्ति मिलती है। कथा का वर्णन करते हुए उन्होंने धुंधकारी का प्रसंग सुनाया। कहा कि आत्मदेव नामक ब्राह्मण का पुत्र धुंधकारी अपने नीच कर्म के कारण मरने के बाद प्रेत योनि में चला गया। उसकी मुक्ति नहीं हुई। धुंधकारी के मुक्ति न होने पर उसके भाई गोकर्ण ने श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया और आंगन में बांस गाड़कर श्रीमद् भागवत की कथा करने लगे। कथा के दौरान प्रेत धुंधकारी बांस पर बैठ जाता था और जैसे-जैसे कथा का समापन हुआ सातवें दिन वह प्रेत योनि से मुक्त हो गया। यह भी पढ़ें- कोरे ज्ञान से नहीं, भक्ति रस से जीवन में होगा कल्याण उसे भगवत चरणों की प्राप्ति...