मधुबनी, अप्रैल 29 -- संजय कुमार झा रहिका। प्री- मानसून बारिश का दौर मार्च से मई तक रहने से किसानों के फसल उपज दर पर मिश्रित असर पड़ा है। विगत मार्च महीने में असमय बेमौसम आंधी एवं बारिश से गेहूं, तेलहन एवं दलहन सहित बागवानी फसलों के उपज का नुकसान हुआ। मार्च महीने की बारिश से आम एवं लीची के मंजर में लगे फूल व टीकोले झड़ गया। अप्रैल माह में बारिश से तापमान वृद्धि पर ब्रेक लगाया है। अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में बरसात होने से मिट्टी में नमी की कमी को हद तक दूर हुआ है। गरमा फसल मुरझा कर झुलस रहा था तथा पौधे की शाकीय बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग ने मई माह के अंतिम सप्ताह तक प्री- मानसूनी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। किसानों ने बताया कि फिलहाल जो बारिश हो रही है जिसके कारण गेहूं कटने के बाद खेतों में नमी रहने से जुताई में सहायक हो रहा है।...
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