नई दिल्ली, जून 24 -- यूपीएससी की कई सक्सेस कहानियां हैं, जो दूसरों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनती है। ऐसी ही एक कहानी है मोहिबुल्ला अंसारी की। सपना था आईआईटी का। लेकिन जब वो 10वीं और 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाओं में फेल गए, तो उनके पिता ने ऐसी बात कह दी की वो सीधा दिल पर लग गई। लेकिन किसे पता था कि पिता की वही बात, घाव ना बनकर मरहम का काम कर जाएगी। या यूं कहें कि वो बात उनके जीवन की टर्निंग प्वाइंट बन जाएगाी। जज्बा और लगन ऐसा की आईआईटी के बाद यूपीएससी क्रैक कर जाएंगे। हालांकि अंसारी के लिए यहां तक का सफर आसान नहीं था। चलिए इनकी कहानी जानते हैं। जी हां, मोहिबुल्ला अंसारी बिहार के सिवान जिले के रहने वाले हैं। शुरुआत में उनका मन पढ़ाई-लिखाई में बिल्कुल नहीं लगता था। साहपाठी उन्हें मजाक में'मुसीबतउल्लाह' कहकर बुलाते थे क्योंकि वह अक्सर किसी न कि...