वाराणसी, जून 27 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। प्री डिमेंसिया यानी जिन मरीजों की याद्दाश्त कम होने लगती है उनमें 'कल्याणक घृत' कारगर है। आईएमएस बीएचयू के आयुर्वेद संकाय के क्रिया शारीर और मॉडर्न मेडिसिन के जीरियाट्रिक विभाग ने संयुक्त रूप से एक मरीज पर शोध किया है। दो-दो महीने तक मरीज को दी गई औषधि से काफी सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। यह शोध हाल ही में जर्नल ऑफ एथ्नोफार्माकोलॉजी में प्रक्राशित हुआ है। क्रिया शारीर विभाग के प्रो. किशोर पटवर्धन और जीरियाट्रिक विभाग के प्रो. एसएस चक्रवर्ती के नेतृत्व में डॉ. स्वाति शर्मा ने शोध किया है। उन्होंने माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट (एमसीआई) यानी प्री डिमेंशिया से पीड़ित 65 वर्षीय मरीज पर शोध किया। यह भी पढ़ें- शोध में उपयोगी उपकरण बनाने में बीएचयू को मिला पेटेंट इस मरीज को 'कल्याणक घृत' दिया...