नई दिल्ली, जुलाई 8 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एक्टर प्रीति जिंटा से जुड़े सभी डीपफेक, फर्जी तस्वीरें और वीडियो, दूसरे अनधिकृत ऑनलाइन सामग्री हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसी सामग्रियों का गलत इस्तेमाल किसी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों पर असर डालता है। जिंटा को राहत देते हुए, जस्टिस माधव जामदार की एकल पीठ ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को 'आईटी अधिनियम' के तहत उनकी 'पूरी सावधानी बरतने' की जिम्मेदारियों की भी याद दिलाई। कोर्ट ने ऐसे कंटेंट से निपटने में मध्यस्थों (इंटरमीडियरीज) की भूमिका का मुद्दा भी उठाया, क्योंकि उनके प्लेटफॉर्म का भी गलत इस्तेमाल हो रहा था। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर मध्यस्थ कार्रवाई करना शुरू कर दें, तो ऐसे अपराधी रुक जाएंगे। यह भी पढ़ें- भारत के कानून से ऊपर नहीं हैं कोई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म; हाईकोर्ट से एक्स को तगड़ी फटक...